ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सभी मुकाबले पूरे हो चुके हैं। भारत ने इस बार कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। आखिरी दिन 2 जुलाई को भारतीय खिलाड़ियों को कोई मेडल नहीं मिला। खेल के अंतिम दिन भारतीय एथलीटों ने साइकिलिंग और जूडो में हिस्सा लिया था, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर सके। भारत इस कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहकर अपने अभियान का अंत किया। स्कॉटलैंड 39 मेडल के साथ पांचवें स्थान पर है।
भारत और स्कॉटलैंड दोनों ने 13-13 गोल्ड जीते हैं, लेकिन भारत के पास 17 सिल्वर मेडल हैं जबकि स्कॉटलैंड के पास सिर्फ 9 हैं। ज्यादा सिल्वर होने की वजह से भारत चौथे नंबर पर रहा। भारतीय एथलीट के इस शानदार प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिएक्शन भी सामने आया है। उन्होंने एक्स पर लिखा - ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हमारे दल के प्रदर्शन पर गर्व है। इस बात की खुशी है कि भारत ने 39 मेडल जीते हैं, जिनमें 13 गोल्ड मेडल शामिल हैं। मेडल जीतने वालों को बधाई। पूरे गेम्स के दौरान, हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने बेहतरीन कौशल, दृढ़ संकल्प और समर्पण दिखाया है। उनकी कड़ी मेहनत हमारे युवाओं को प्रेरित करती रहेगी। भविष्य की कोशिशों के लिए पूरे भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहें और देश का मान बढ़ाते रहें।
मेडल टैली में पहले नंबर पर ऑस्ट्रेलिया
मेडल टैली में ऑस्ट्रेलिया 70 गोल्ड, 45 सिल्वर और 56 ब्रॉन्ज मेडल और कुल 171 पदक के साथ पहले स्थान पर रहा। वहीं 110 मेडल के साथ इंग्लैंड (29 गोल्ड) के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं कनाडा इस पदक तालिका में 19 गोल्ड और कुल 62 मेडल के साथ तीसरे नंबर पर रहा। स्कॉटलैंड 39 मेडल के साथ पांचवें स्थान पर है। भारत और स्कॉटलैंड दोनों ने 13-13 गोल्ड जीते हैं, लेकिन भारत के पास 17 सिल्वर मेडल हैं जबकि स्कॉटलैंड के पास सिर्फ 9 हैं। ज्यादा सिल्वर होने की वजह से भारत चौथे नंबर पर है।
नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने जैवलिन थ्रो में किया शानदार प्रदर्शन
पुरुष भालाफेंक में नीरज चोपड़ा और यशवीर ने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मेडल अपने नाम किए। नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीता। वहीं यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। खास बात यह है कि इस बार भारत ने कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे अपने मुख्य खेलों के बिना भी बहुत शानदार प्रदर्शन किया है। बॉक्सिंग में भारत ने रिकॉर्ड 7 गोल्ड, जूडो में पहली बार 2 गोल्ड और एथलेटिक्स में कई ऐतिहासिक सफलताओं ने भारत के इस सफर को यादगार बना दिया।
बॉक्सिंग में भारत को मिली बड़ी सफलता
भारत को सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में मिली, जहां खिलाड़ियों ने कुल 10 मेडल जीते। वहीं जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। यामिनी मौर्य ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिससे जूडो में भारत को रिकॉर्ड 4 मेडल मिले। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के 2 मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले वे 10,000 मीटर में सिल्वर मेडल भी जीत चुके थे। इसके अलावा, प्रवीण चित्रावेल ने ट्रिपल जंप में सिल्वर और सेल्वा प्रभु ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
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